एम. एन. आई. टी.
यह महाविद्यालय मालवीय रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, जयपुर के नाम से 1963 में, भारत सरकार और राजस्थान सरकार के एक संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित किया गया था। इसके बाद इसे 26 जून 2002 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दर्जा दिया गया और 15 अगस्त 2007 को संसद के अधिनियम के माध्यम से राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया। संस्थान पूरी तरह से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। प्रति वर्ष संस्थान से ११०० से अधिक विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की जाती है।
हरियाली से परिपूर्ण 317 एकड़ जमीन के क्षेत्र में फैले संस्थान के परिसर में कल्पनाशीलता से ओतप्रोत एक सुरम्य परिदृश्य प्रस्तुत होता है। यह आधुनिक वास्तुकला में सद्भाव का एक अद्भुत उदाहरण है और प्राकृतिक सौंदर्य जो हमें खुश रखता है और स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक प्राकृतिक पर्यावरण उपलब्ध कराता है।
संस्थान में संस्थान के परिसर, छात्र निवास और स्टाफ कॉलोनी के मकान हैं। यहाँ शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए अनेक आवासीय परिसर उपलब्ध हैं।
परिसर स्टाफ क्लब, अस्पताल, बैंक, डाकघर, सामुदायिक केंद्र, स्कूल, स्टाफ घर, व्यायामशाला, खेल के मैदान, अतिथि गृह, कैंटीन आदि में 24 घंटे इंटरनेट कनेक्टिविटी आने वाले समुदाय के लिए सभी आवश्यक सुवि धाओं से परिपूर्ण है।
राजस्थान का सुन्दर गुलाबी शहर जयपुर में, जयपुर शासको के तीन पहाड़ी किले और महल इसके महत्वपूर्ण आकर्षण हैं। क्योंकि शहर की दीवारों में विशेष रूप से इस्तेमाल पत्थर गुलाबी रंग का है, इसलिए यह गुलाबी शहर के नाम से विख्यात है। जयपुर के बाजार कढ़ाई, चमड़े के जूते, नीले रंग की मिट्टी के बर्तन, टाई और डाई स्कार्फ और अन्य विदेशी माल बेचने के लिए भी जाने जाते हैं। पश्चिमी राजस्थान में स्थित थार रेगिस्तान का इतिहास, जीवन शैली और वास्तुकला आने वाले पर्यटकों के दिल में उतर जाती है।
पर्यटन स्थल -
जंतर मंतर, आमेर किला, मोती डूंगरी, लक्ष्मी नारायण मंदिर, सिटी पैलेस, अल्बर्ट हॉल (संग्रहालय), हवा महल, जयगढ़ फोर्ट, सिसोदिया रानी गार्डन इत्यादि ......
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